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रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है , सुबह मुहूर्त रक्षाबंधन का, रक्षाबंधन का इतिहास(Shubh Muhurat of Rakshabandhan & History)

 



रक्षाबंधन भारत के साथ मॉरीशस और नेपाल में हिन्दुओ द्वारा मनाये जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व हैं। यह पर्व हर साल मनाया जाता हैं रक्षाबंधन में बहने अपने भाई की कलाई में राखी बांध कर उनकी लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना करती हैं और भाई अपनी बहन को जिंदगी भर उनकी रक्षा करने का वचन देता हैं। रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021 रविवार को मनाया जायेगा। रक्षाबंधन के त्यौहार की तैयारी बहने काफी शौक से करती हैं उस दिन के लिए वह अपने लिए नए कपडे खरीदती हैं और भाइयो के लिए राखी के साथ उनका मुँह मीठा कराने के लिए मिठाईया एव चॉक्लेट खरीदती हैं.बहने रक्षाबंधन वाले दिन राखी की थाली को अच्छे से सजा कर उसमे राखी, धुप, चन्दन का टिका, चावल रख कर भाई की पूजा करती हैं।

 

सुबह मुहूर्त रक्षाबंधन का

22 अगस्त को पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 15 मिनट से शाम के 06 बजकर 35 मिनट तक और दोपहर के समय ज्यादा तर लोग राखी बांधते हैं तो दिन का सुबह मुहूर्त 01 बजकर 42 मिनट से 04 बजकर 20 मिनट तक. 

 

रक्षाबंधन का इतिहास

भगवान श्री कृष्ण और द्रोपदी

रक्षाबंधन का जिक्र भारत की कई पौराणिक कथाओ में किया गया हैं जैसे महाभारत में भगवान श्री कृष्ण और द्रोपदी का किस्सा। जब भगवान श्री कृष्ण ने राजा शिशुपाल का वद किया तो युद्ध के दौरान उनके बाएं हाथ की ऊँगली कट गई थी जिससे अत्यधिक खून बह रहा था जिसे देख कर द्रोपदी ने अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़ कर भगवान श्री कृष्ण की ऊँगली में बांधा था तभी से भगवान श्री कृष्ण द्रोपदी को अपनी बहन मानना शरू कर दिया था।भगवान श्री कृष्ण ने  द्रोपदी की रक्षा तब करी जब पांडव उन्हे जुए में हार गए थे.द्रोपदी के चीरहरण समय उनकी लाज बचा कर   भगवान श्री कृष्ण ने अपने भाई होने का फर्ज  निभाया। पौराणिक कथाओ में ऐसा कहाँ जाता है जिस दिन द्रोपदी ने भगवान श्री कृष्ण ऊँगली में साड़ी का टुकड़ा फाड़ कर बांदा था। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था इसिलए रक्षाबंधन मनाया जाता हैं

 

रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूँ

यह बात चितोड़ की रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूँ की हैं रानी कर्णावती राणा सांगा की विधवा पत्नी थी जब चितोड़ में बहादुर शाह ने कब्ज़ा करना चाह रहा था तब रानी कर्णावती ने हुमायूँ को राखी भेज कर चितोड़ की रक्षा करने का वचन मांगा। हुमायूँ ने रानी कर्णावती द्वारा भेजी गयी राखी को स्वीकार करते हुए अपने भाई होने का फर्ज निभा कर चितोड़ की रक्षा करी और वहा कभी आक्रमण नहीं किया।

रक्षाबंधन 1947 से 2025 की तारीख

31 अगस्त 1947 (रविवार)

19 अगस्त 1948 (गुरुवार)

08 अगस्त 1949 (सोमवार)

27 अगस्त 1950 (रविवार)

17 अगस्त 1951 (शुक्रवार)

05 अगस्त 1952 (मंगलवार)

24 अगस्त 1953 (सोमवार)

14 अगस्त 1954 (शनिवार)

03 अगस्त 1955 (बुधवार)

21 अगस्त 1956 (शनिवार)

10 अगस्त 1957 (शनिवार)

29 अगस्त 1958 (शुक्रवार)

18 अगस्त 1959 (मंगलवार)

06 अगस्त 1960 (शनिवार)

26 अगस्त 1961 (शनिवार)

15 अगस्त 1962 (बुधवार)

05 अगस्त 1963 (सोमवार)

23 अगस्त 1964 (रविवार)

12 अगस्त 1965 (गुरुवार)

30 अगस्त 1966 (मंगलवार)

19 अगस्त 1967 (शनिवार)

08 अगस्त 1968 (गुरुवार)

27 अगस्त 1969 (बुधवार)

17 अगस्त 1970 (सोमवार)

06 अगस्त 1971 (शुक्रवार)

24 अगस्त 1972 (गुरुवार)

13 अगस्त 1973 (सोमवार)

03 अगस्त 1974 (शनिवार)

21 अगस्त 1975 (गुरुवार)

09 अगस्त 1976 (सोमवार)

28 अगस्त 1977 (रविवार)

18 अगस्त 1978 (शुक्रवार)

08 अगस्त 1979 (बुधवार)

26 अगस्त 1980 (मंगलवार)

15 अगस्त 1981(शनिवार)

04 अगस्त 1982 (बुधवार)

23 अगस्त 1983 (मंगलवार)

11 अगस्त 1984 (शनिवार)

30 अगस्त 1985 (शुक्रवार)

19 अगस्त 1986 (मंगलवार)

09 अगस्त 1987 (रविवार)

27 अगस्त 1988 (शनिवार)

17 अगस्त 1989 (गुरुवार)

06 अगस्त 1990 (सोमवार)

25 अगस्त 1991 (रविवार)

13 अगस्त 1992 (गुरुवार)

02 अगस्त 1993 (सोमवार)

21 अगस्त 1994 (रविवार)

10 अगस्त 1995 (गुरुवार)

28 अगस्त 1996 (बुधवार)

18 अगस्त 1997 (सोमवार)

07 अगस्त 1998 (शुक्रवार)

26 अगस्त 1999 (गुरुवार)

15 अगस्त 2000 (मंगलवार)

04 अगस्त 2001 (शनिवार)

22 अगस्त 2002 (गुरुवार)

12 अगस्त 2003 (मंगलवार)

29 अगस्त 2004 (रविवार)

19 अगस्त 2005 (शुक्रवार)

09 अगस्त 2006 (बुधवार)

28 अगस्त 2007 (मंगलवार)

16 अगस्त 2008 (शनिवार)

05 अगस्त 2009 (बुधवार)

24 अगस्त 2010 (मंगलवार)

13 अगस्त 2011 (शनिवार)

02 अगस्त 2012 (गुरुवार)

20 अगस्त 2013 (मंगलवार)

10 अगस्त 2014 (रविवार)

29 अगस्त 2015 (शनिवार)

18 अगस्त 2016 (गुरुवार)

07 अगस्त 2017 (सोमवार)

26 अगस्त 2018 (रविवार)

15 अगस्त 2019 (गुरुवार)

03 अगस्त 2020 (सोमवार)

22 अगस्त 2021 (रविवार)

11 अगस्त 2022 (गुरुवार)

30 अगस्त 2023 (बुधवार)

19 अगस्त 2024 (रविवार)

09 अगस्त 2025 (शनिवार)      


 


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