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इतिहास भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का : History of Indian National Flag

 



राष्ट्रीय ध्वज हर देश की स्वतंत्रता और सम्मान के साथ शान की निशानी होती हैं जिन देशो के अपने राष्ट्रीय ध्वज होते हैं उसका मतलब यह है कि वह देश स्वतंत्रत (आजाद ) हैं। आज हम भारतीय झंडे के इतिहास के बारे में पड़ेंगे, जिसे तिरंगा भी बोला जाता हैं। हर भारतीय के लिए तिरंगा उनकी शान बान और आन का प्रतीक हैं जिसे देखते ही हर भारतीय गर्व महसूस करता हैं। भारतीय झंडे में अभी तक 6 बारी बदलाव किये जा चुके हैं भारतीय झंडे को पिंगली वेंक्क्या ने डिज़ाइन किया था भारत की आजादी से 1 महीने पहले (22 जुलाई) में राजेंद्र प्रसाद कमिटि कमेटी के द्वारा स्वतंत्रत भारत की निशानी के लिए इसे स्वीकार किया। 15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतंत्रत देश हो गया था लेकिन आप को यह बात जान कर हैरानी होगी।स्वतंत्रत भारत का पहला झंडा लाल किले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 16 अगस्त 1947 को फहराया था.

 

भारतीय ध्वज के रंगो का महत्व

भारतीय ध्वज में तीन रंग होते हैं सबसे ऊपर केसरिया रंग , बीच में सफेद रंग और सबसे नीचे हरा रंग होता हैं भारतीय ध्वज के बीच में अशोक चक्र होता जो सफेद रंग के ऊपर नीले रंग का होता हैं अशोक चक्र में 24 तीलियां होती है।

केसरिया रंग  - यह भारत की शक्ति और साहस को दर्शाता है।

सफेद रंग  - यह भारत की शांति ,पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है।

हरा रंग  - यह भारत की विश्वास, शौर्य और भूमि की उर्वरता(कृषि) का प्रतीक है

 

भारतीय झंडे का इतिहास

पहला भारतीय झंडा आजादी से पहले बंगाल विभाजन के समय कोलकाता के ग्रीन पार्क में सुरेन्द्रनाथ बनर्जी  ने 7 अगस्त 1906 को फेराया था। उस झंडे में सबसे ऊपर केसरिया रंग, बीच में पीला रंग और नीचे हरा रंग था इसमें सबसे उपर 8 आधे खिले हुए कमल बनाये गए थे और इसके बीच में हिन्दी में लिखा गया था वंदे मातरम्।

 

मेडम भीकाजी कामा और उनके सहयोगि क्रांतिकारियों द्वारा जर्मनी के बर्लिन शहर में 22 अगस्त 1907 को झंडा फेराया गया था। इस झंडे में सबसे उपर हरा रंग बीच में केसरिया रंग व् सबसे नीचे लाल रंग था. यह भारत से बहार फेराया गया पहला झंडा था इसका डिज़ाइन भी मेडम भीकाजी कामा और उनके साथियो ने बनाया था।

 

बाल गंगाधर तिलक और लेखिका डॉ एनी बेसेंट द्वारा भारत को ब्रिटिश राज में एक डोमिनियन का दर्जा दिलाने के आंदोलन के समय 1917 में झंडा फेराया गया था। यह झंडा पहले झंडो से बिल्कुल अलग था इस झंडे में सबसे ऊपर यूनियन जैक बाकी झंडे में पांच लाल रंग और पांच हरी लेने थी। इसमें सप्तऋषि तारे और आधा चन्द्रमा उसके ऊपर एक तारा भी था।

 

इसके बाद गाँधी जी के कहने पर नए झंडे को बनाया गया। जो ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटि के सत्र में 1921 में फेराया गया था। इसे पिंगली वेंक्क्या ने डिज़ाइन किया था जिसमे सबसे ऊपर सफेद रंग बीच में हरा और सबसे नीचे लाल रंग था , इसके बीच में चरखा बना हुवा था।

 

ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटि में नए झंडे को अगस्त 1931 में स्वीकार किया गया। पहले झंडे से कुछ समुदाय के लोग खुश नही थे इसलिए वर्ष 1931 में पिंगली वेंक्क्या ने इसमें बदलाव किया, फिर झंडे के सबसे ऊपर केसरिया रंग फिर सफ़ेद रंग  अंत में हरा रंग था. इसके बीच में सफेद रंग के ऊपर नीले रंग चरखा बना हुवा था।

 

राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में उनके साथियो द्वारा 1947 में एक कमेटी बनाई गई। जिसमे भारतीय झंडे में कुछ बदलाव करने की मांग की गई. उस मांग को ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटि ने मंजूर कर लिया। फिर भारतीय झंडे से चरखा हटा कर अशोक चक्र को रखा गया। 




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